ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आई खुशखबरी, करोड़ों लोगों को होगा सीधा फायदा Driving Licence Rule

Driving Licence Rule केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन नियमों को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाने की तैयारी कर ली है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस दिशा में कई क्रांतिकारी बदलाव करने की योजना बना रहा ...

Ravi Yadav

Driving Licence Rule केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन नियमों को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाने की तैयारी कर ली है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस दिशा में कई क्रांतिकारी बदलाव करने की योजना बना रहा है, जिससे न सिर्फ आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि आरटीओ के चक्कर लगाने की जरूरत भी खत्म हो जाएगी.

‘Ease of Living’ को बढ़ावा देने की पहल

  • सरकार की यह योजना ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए है, ताकि आम लोगों के जीवन को सरल, सुविधाजनक और तेज बनाया जा सके.
  • नए नियमों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी.

40 से 60 वर्ष के नागरिकों को मिलेगा बड़ा फायदा

  • अब तक जो लोग 40 साल की उम्र पार करते थे, उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल या नए लाइसेंस के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होता था.
  • लेकिन नई प्रस्तावित नीति के अनुसार, 40 से 60 वर्ष के नागरिकों को अब यह सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं होगी. इस फैसले से करोड़ों लोगों को समय और पैसे की बचत होगी

RTO में जाने की जरूरत नहीं, लाइसेंस बनेगा डिजिटल

  • ड्राइविंग लाइसेंस की रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल और वेरिफिकेशन प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से पूरी होगी.
  • इसके तहत नागरिक अपने दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे और आरटीओ दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होगी.
  • यह प्रक्रिया आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली के माध्यम से अधिक सुरक्षित बनाई जाएगी.

अब जुर्माने के साथ पेनल्टी प्वाइंट्स भी जुड़ेंगे

नए नियमों में पेनल्टी प्वाइंट सिस्टम भी शामिल किया गया है.
अगर कोई चालक बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके डिजिटल लाइसेंस पर पेनल्टी पॉइंट्स जुड़ते रहेंगे.
यदि ये पॉइंट्स एक तय सीमा से अधिक हो जाते हैं, तो ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (Suspend) किया जा सकता है

बार-बार गलती पर अस्थायी बैन भी संभव

अगर कोई चालक बार-बार गंभीर गलतियां करता है, तो सिर्फ जुर्माना ही नहीं बल्कि अस्थायी रूप से ड्राइविंग से भी रोका जा सकता है.
यह व्यवस्था उन लोगों के लिए खासतौर पर प्रभावी होगी जो लापरवाही से वाहन चलाते हैं और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालते हैं.

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वाहन बीमा पर भी दिखेगा पेनल्टी पॉइंट्स का असर

सरकार अब पेनल्टी पॉइंट्स को वाहन बीमा से जोड़ने पर भी विचार कर रही है.
इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति के लाइसेंस पर अधिक पेनल्टी पॉइंट्स दर्ज हैं, तो उसे बीमा रिन्यूअल के समय ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है.

वाहन खरीदने-बेचने पर आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य

वाहन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार आधार आधारित वेरिफिकेशन को अनिवार्य बना सकती है.
इससे फर्जी नाम पर रजिस्ट्रेशन और वाहन स्वामित्व बदलने में पारदर्शिता आएगी.

यातायात नियमों के पालन को मिलेगा बढ़ावा

इस डिजिटल और सख्त व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ नियमों को तोड़ने पर दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों को नियमों के पालन के लिए प्रोत्साहित करना है.
ड्राइविंग अब केवल सुविधा नहीं बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक बनेगा.

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